
ल्यूकेमिया क्या होता है?
- ल्यूकेमिया एक तरह का ब्लड कैंसर होता है।
- इसमें खून की सफेद कोशिकाएं गलत तरीके से बढ़ने लगती हैं।
- ये कोशिकाएं शरीर को ठीक से काम नहीं करने देतीं।
- इससे बच्चा या बड़ा जल्दी बीमार पड़ जाता है।
- यह बीमारी धीरे या तेज़ भी हो सकती है।
ल्यूकेमिया कितने प्रकार का होता है?
- ल्यूकेमिया के मुख्य चार प्रकार होते हैं।
- ALL, AML, CLL और CML इसके नाम हैं।
- कुछ बच्चों में होता है और कुछ बड़ों में।
- हर प्रकार अलग तरह से असर करता है।
- डॉक्टर जांच के बाद इसका प्रकार बताते हैं।
ALL ल्यूकेमिया क्या है?
- ALL बच्चों में ज़्यादा पाया जाता है।
- इसमें सफेद खून की कोशिकाएं बहुत बढ़ जाती हैं।
- बच्चा जल्दी थक जाता है।
- बार-बार बुखार आ सकता है।
- समय पर इलाज से यह ठीक हो सकता है।
AML ल्यूकेमिया क्या होता है?
- AML बच्चों और बड़ों दोनों में हो सकता है।
- यह तेजी से बढ़ने वाली बीमारी है।
- खून की कोशिकाएं सही से नहीं बनतीं।
- नाक से खून आ सकता है।
- जल्दी इलाज बहुत ज़रूरी होता है।
CLL ल्यूकेमिया क्या है?
- CLL ज़्यादातर बुजुर्गों में होता है।
- यह धीरे-धीरे बढ़ता है।
- शुरू में ज्यादा लक्षण नहीं दिखते।
- थकान और वजन कम हो सकता है।
- कई बार दवा देर से शुरू होती है।
CML ल्यूकेमिया क्या होता है?
- CML में खून की कोशिकाएं गलत बनती हैं।
- यह एक खास जीन की वजह से होता है।
- शुरुआत में हल्के लक्षण होते हैं।
- पेट में भारीपन लग सकता है।
- दवा से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
ल्यूकेमिया के मुख्य लक्षण क्या हैं?
- बार-बार बुखार आना।
- बहुत ज़्यादा थकान होना।
- शरीर में दर्द रहना।
- खून की कमी होना।
- जल्दी बीमार पड़ जाना।
ल्यूकेमिया क्यों होता है?
- इसका सही कारण पता नहीं होता।
- कभी-कभी जीन की गलती से होता है।
- ज्यादा रेडिएशन से खतरा बढ़ता है।
- कुछ बीमारियों से भी हो सकता है।
- यह छूने से नहीं फैलता।
ल्यूकेमिया बच्चों में क्यों होता है?
- बच्चों में जीन बदलने से हो सकता है।
- यह माता-पिता की गलती नहीं होती।
- बच्चे खेलते-खेलते थक जाते हैं।
- उनका शरीर कमजोर हो जाता है।
- सही इलाज से बच्चे ठीक हो सकते हैं।
ल्यूकेमिया की जांच कैसे होती है?
- डॉक्टर खून की जांच करते हैं।
- बोन मैरो टेस्ट भी किया जाता है।
- रिपोर्ट से बीमारी पता चलती है।
- फिर इलाज शुरू किया जाता है।
- जांच दर्दनाक नहीं होती।
ल्यूकेमिया का इलाज कैसे होता है?
- दवा से इलाज किया जाता है।
- इसे कीमोथेरेपी कहते हैं।
- कभी-कभी बोन मैरो ट्रांसप्लांट होता है।
- इलाज लंबा चल सकता है।
- डॉक्टर पूरा ध्यान रखते हैं।
क्या ल्यूकेमिया ठीक हो सकता है?
- हां, कई मामलों में ठीक हो जाता है।
- बच्चों में इलाज के अच्छे नतीजे आते हैं।
- समय पर इलाज बहुत ज़रूरी है।
- दवा पूरी लेनी चाहिए।
- हिम्मत रखना जरूरी होता है।
ल्यूकेमिया में खाने में क्या खाएं?
- ताजा फल और सब्ज़ी खाएं।
- साफ और घर का खाना खाएं।
- दूध और दही लें।
- बाहर का खाना कम खाएं।
- डॉक्टर की सलाह मानें।
ल्यूकेमिया में क्या सावधानी रखें?
- साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- बीमार लोगों से दूर रहें।
- समय पर दवा लें।
- ज्यादा थकान न करें।
- डॉक्टर से नियमित मिलें।
ल्यूकेमिया से डरना चाहिए या नहीं?
- डरने की जरूरत नहीं है।
- यह बीमारी ठीक हो सकती है।
- सही इलाज से जीवन अच्छा होता है।
- परिवार का साथ जरूरी है।
- हिम्मत और उम्मीद रखें।



